बुधवार, 17 अगस्त 2011

आइये ठोंके भ्रष्ट नेताओ के ताबूत में आखिरी कील!!

 आइये ठोंके भ्रष्ट नेताओ के ताबूत में आखिरी कील!! 

 हे! राजघाट के महात्मा ,हमें  क्षमा करना क्योंकि तेरे नाम की दुहाई से भ्रष्टाचार की दूकान चलाने वाले धूर्त,मक्कार, भ्रष्ट,चोर ,बईमान, मूढ़,खल नेताओ के ताबूत में हम आखिरी कील ठोकना चाहते हैं.हमारी
यह कील सही स्थान पर लगे इसलिए हम तेरा आशीर्वाद चाहते हैं.

हे !साबरमती के संत ,हमारे हाथ में एक दूसरी कील है वह हम संविधान की मजबूती के लिए ठोकना चाहते हैं ताकि आने वाले भारत का भविष्य  सुन्दर बन सके इसी भावना की पूर्णता के लिए हम आपका आशीर्वाद चाहते हैं

हे!बापू ,आपका अहिंसात्मक अनशन और उपवास का शस्त्र हम भ्रष्ट- नेताओ , भ्रष्ट राज कर्मचारियों के ऊपर चला रहे हैं ,यह शस्त्र की धार और तेज बन जाये ,यह वरदान आप हमें दे

हे! बापू, हमारे लोकतंत्र को भ्रष्ट नेताओ ने सड़ा दिया है ,लोकतंत्र  की रुग्ण बिमारी को दुरस्त करने के लिए तेरे सपूत सही कानून को बनाकर बिमारी का इलाज करना चाहते हैं,कुछ भ्रष्ट शासक इसका विरोध कर रहे हैं इसलिए हमें इतनी शक्ति दे की द्रढ़ता से सड़ी व्यवस्था का कड़े कानून की औजार से सफल सर्जरी कर सके.

हे राष्ट्र नायक ,हमें संघर्ष करने की ताकत दे.हम देश वासियों पर अमृतव की बारिस कर. हो सके तो तेरे प्रिय
भजन से उन्हें सुमति दे जो मूढ़ हो गए हैं,सत्ता के मद में पागल हो गए हैं,देश के धन को लुट रहे हैं

हे! राष्ट्रपिता अन्याय के विरुद्ध तेरे बच्चो ने जो संग्राम छेड़ा है उसमे विजय का अमृत भर दे.

   


      

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