गुरुवार, 18 अगस्त 2011

धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे ........................................

भारतीय भाई -बहनों ,

                  आपके धैर्य को ,आपके उत्साह को,आपकी देशभक्ति को शत-शत नमन .

आपकी जाग्रति देश के लिए महत्वपूर्ण है . हम जानते हैं की हम जिस संग्राम को छेड़ चुके हैं उसमे विजय निश्चित है, हम सबके मन में विजय के प्रति तनिक संदेह की गुंजायिस नहीं है. मंजिल की राह
कठिन हो सकती है पर  असंभव कदापि नहीं है 

                   सड़के बाद में बनती है पहले पगडण्डी तैयार होती है. टीम अन्ना ने पगडण्डी तैयार की और अब हम सबको मिलकर उसे सडक बनाना है .सही मायने में अब जो समय बीतने वाला है उसका 
पल- पल का सदुपयोग करना है

                      हम या तो समाधान का हिस्सा बने या समस्या को बढ़ने न दे , हम या तो इस राष्ट्र यज्ञ 
में शांतिपूर्वक आहुति दे या फिर कोई व्यवधान हमसे भूल से भी न हो इसका ख्याल रखे क्योंकि ये 
सरकारी नुमायंदे इसी फिराक में रहेंगे की जोश में हम कोई गलत कदम उठाये और कानून के नाम पर ये हमारे यज्ञ को नापाक कर दे

                        अति सर्वत्र वर्जयेत ......हम अपनी उर्जा को,अपने उत्साह को,अपने जज्बे को नियंत्रित 
रखे.हम सभी नागरिको का कर्तव्य है की देश के किसी भी कोने में अराजकता उत्पन्न न हो. हमारी 
विजय का यह ब्रम्हास्त्र है और अभी से संकल्प करे की हम इसका उपयोग करेंगे .

                        आप जन लोकपाल के हर पहलु को पढ़े,समझे ,विश्लेषण करे और उन्हें समजाये, जो 
इसे अभी तक न जान पाए हैं.

                       आप १५ दिन तक हर दिन चार घंटे इस मुहीम के लिए दे. संविधान में जान फूंकने का 
समय है ,निजी काम जिन्दगी भर करने हैं लेकिन अभी अपने हर पल को बचाए और राष्ट्र हित में लगाए .  


                    यह काम हमारा अपना है  क्योंकि यह हमारे स्वाभिमान के लिए है, यह भ्रष्ट तंत्र को खत्म 
करने के लिए है 


                   हमारे शहीद हम लोगों से स्वर्ग में बैठे आशा कर रहे होंगे ,उनके बलिदान को गौरवान्वित 
हम आप करेंगे .


                  विजय आपका इन्तजार कर रही है- शांति ,धैर्य , संयम ,क्षमा के गुणों से अलंकृत हो विजय
को धारण करो 


                 गांधी की जय ,          सुभाष की जय

कोई टिप्पणी नहीं: