शुक्रवार, 2 सितंबर 2011

जो भ्रष्ट व्यवस्था से टकरायेगा..वो चूर चूर हो जायेगा

जो भ्रष्ट व्यवस्था से टकरायेगा..वो चूर चूर हो जायेगा 

जब लकड़ी का गट्ठर नहीं तोड़ पाये तो युक्ति से काम ले ,उस गट्ठर को खोले और आहिस्ता -आहिस्ताएक -एक लकड़ी तोड़ते जाये .........

यही युक्ति भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ लड़ने वालो के लिए उपयोग में लायी जा रही है ......... शाबाश देश के व्यवस्थापको . बाबा रामदेव .........बेचारा बनाने पर उतारू है . केजरीवाल .........कैसे भी फिट कर देना है, किरण बेदी ...........नक़ल उतारने का दंड . प्रशांत भूषण ...........नकली और असली ,सी डी की तरह घुमाना है .

जिसकी लाट्ठी उसकी भैंस ............... यही दस्तूर है जग में.

वो जानते हैं जनता बार -बार नहीं जागती है ...........

वो जानते हैं जनता पंगा नहीं लेगी ..............

वो जानते हैं सब कुछ  उनकी मुट्ठी में है........

आइये हम चुपचाप देखने का कर्तव्य पूरा करे की अलग -अलग करके लकड़ी के गट्ठर को कैसे तोडा 
जाने वाला है.........मगर चुप रहना .........नहीं तो अँधा तुम पर कौड़े बरसायेगा .

चुप......... मौन .......शांत ............... 

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