गुरुवार, 8 सितंबर 2011

देश की नाव किसके पाप से क्यों डूबी ?

देश की  नाव किसके पाप से क्यों डूबी ?

नाव क्यों और किसके पाप से डूबी यह बात कोई मंत्री नहीं कहता है बस हर बार नाव कैसे डूबी इसी बात को देश
के सामने रख दिया जाता है 

बड़ा आडम्बर है इस देश में .......जोड, बाकी ,गुना ,भाग वाला आदमी आतंक में भी यही फार्मूले आजमाता है और आतंक को भी भगवा आतंक बना देता है पर अपनी अक्षमता के बावजूद पद नहीं छोड़ता .सोये हुए भारतीयों को रातो रात खदेड़ता है परन्तु आतंक को नहीं खदेड़ता .

बड़ी विडम्बना है इस देश में...... बम्ब विस्फोट में मारे गये भारतीयों की मौत पर विपक्षी नेता दिन -रात संसद 
में आतंकवाद पर निर्णायक बहस की मांग करने  की जगह काम रोक देने का प्रस्ताव रखता है

बड़ी धर्ष्टता है इस देश में.....मरने वाले की बोली लगा दी जाती है. अरे ! ये पैसा तो हमने दिया था अपने जीने की
आजादी की रक्षा के लिए , आतंकवादियों की लाशो से भारत माँ का सिंदूर सजाने के लिये; लेकिन ये नेता हमारा पैसा हमारी लाश पर फ़ेंक कर क्या जनता को यह समझाना चाहते हैं की वे  भी संवेदनशील हैं

बड़ी कामचोरी है इस देश में.............सरकारी मशीनरी ,जिस पर खरबों का बजट खर्च किया जाता है; जिसे हर पल चौकस रहना होता है वह गाफिल रहती है और विपदा के समय में हाई एलर्ट का भोंपू बजा कर कुछ समय
के लिए जगाया जाता है,एक दो दिन बाद फिर गाफिल हो जाती है.

जबान पलटने की बड़ी समस्या है इस देश में ..... एक पल के लिए सरकारी सिस्टम में खामी देखता है और
अगले पल में सिस्टम सही होने का प्रमाण देता है

वोट बैंक के दलदल के कारण हिन्दुओ को हिन्दुस्थान में ही अल्प करने का ,कम बच्चे पैदा करने का हुक्म
दे दिया जाता है और दूसरी और बांगला देशियो को पनाह दे दी जाती है.

बड़ी त्रासदी है भारत में........समाजसेवको के सामने आस्तीन तानकर सरकार तनकर खड़ी हो मुकाबला करती
है और आतंकवादियों के सामने घुटने टेक देती है, कड़े कानून बनने नहीं देती है या बनाती नहीं है .शायद मोदी जैसे नेता भी बेबस हो जाते हैं पर आतंक से लड़ने के लिए केंद्र से कड़े कानून पास नहीं करवा  पाते हैं.

बड़ा दिखावा है इस देश में..... निरीह जनता पर डंडे बरसवाते हैं और घायल होने पर कुशक क्षेम पूछने अस्पताल भी चले आते हैं. एक तरफ देश के दुश्मनों को आँख भी दिखाते हैं दूसरी तरफ शांति वार्ता जारी रखते हैं

दूम हिलाने की बिमारी है इस देश में.......देश हित की जगह पार्टी के लिए दूम हिलाते हैं, दुसरे देश के आकाओ की धुन में धुन मिलाते हैं.

बड़ा पाखण्ड है इस देश में......अन्ना को "तू" और ओसामा को "जी"

हे ! युवा शक्ति , अब तो जाग .







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