गुरुवार, 6 अक्तूबर 2011

रावण का अस्तित्व

रावण का अस्तित्व  

रावण 
हम वर्षो से 
फूंकते आये हैं तेरा पुतला 
फिर भी तुम मिटते नहीं हो ?
रावण बोला -
तुम रावण को मिटाना कब चाहते हो ?
हर साल 
एक रावण को मिटाने 
दुसरे रावण का उपयोग करते हो 
एक भस्म होता है 
और 
दूसरा जिन्दा रहता है 
इसी तरह 
मेरा अस्तित्व 
हर युग में 
अमर रहता है 



रावण का प्रश्न  ?

सपने में
लंकेश्वर बोले -
सालों से  पुतला दहन ?
कब बंद करोगे ?
मैं बोला -
अपनी करनी का फल 
भोगना ही पड़ता है .
अपने  कुकर्म का फल
पाना ही पड़ता है .
रावण बोला -
मगर 
मेने तो सिर्फ हरण किया था .
इस अपराध की
कितनी बार सजा ?
जबकि 
राम के देश में 
बलात्कारी पाता है 
सिर्फ सात साल की सजा . 
और,
अबला के साथ
यह जघन्य अपराध ?
मेने कब किया ?
फिर भी ,
 पुतला क्यों जलता है ,
 मेरा ही हर बार ?


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