गुरुवार, 1 दिसंबर 2011

स्मार्टनेस

 स्मार्टनेस 


झूठ बोलना एक कला है ,मेहनत का काम है क्योंकि झूठ बोलने के बाद बोलने वाले को बोला गया झूठ
हर वक्त याद रखना पड़ता है ,बार-बार बोले हुए झूठ को स्मृति कोष में संचय करके रखना पड़ता है ,यदि
सावधानी नहीं रखी जाती है तो जबान कभी भी सच्च उगल देती है और झूठ नंगा हो जाता है.

किसी को विश्वास दिला कर धोखा देना सामान्य बुद्धि वाले का काम नहीं है.धोखा देने से पहले संवेदनाओं
और मन के कोमल भावों की ह्त्या करनी पड़ती है ,इसमें तपना पड़ता है .चेहरे पर प्रेम के बनावटी भाव
लाना और उसे बनाए रखना ,एक  लम्बी साधना है धोखा देना .

शब्दों से भ्रम फैलाने के लिए शब्द कोष को खंगालना पड़ता है ,विद्वता का काम है यह .विभिन्न अर्थ वाले
शब्दों का प्रयोग कोई हंसी खेल नहीं है.भ्रम में सामने वाला घाघ यदि नहीं फंसता है तो उन्ही शब्दों की
व्याख्या बदल देना एक निपुणता वाली बात है .

छल की रचना करना कोई सामान्य योजना बनाने जैसा नहीं है .असत्य को सही ठहराना और सटीक तर्क
प्रस्तुत करना एक कठिन विद्या है .

करोडो लोगों को मुर्ख बनाना भी विद्वता की निशानी है ,किसी को झांसे में लेने के लिए सुनहरे सपने
बुनने के लिए दिन रात एक करना पड़ता है ,नए पुराने ग्रंथों को पढ़ना पड़ता है उसके बाद पूर्ण रूप से
नयी कहानी तैयार करनी पड़ती है.

वर्ग विभेद फैलाना भी दुष्कर काम है ,इसमें विभिन्न जातियों के धर्मों का अध्ययन करना पड़ता है ,
उनकी दुखती नस को पकड़ना  पड़ता है,विभिन्न वर्गों की एकजुटता को तोड़ना पड़ता है ,धीमा जहर
फैलाना बहुत दुष्कर कर्म है .

काम निकाल लेना भी एक कला है ,इसके लिए प्रेम का ढोंग रचना पड़ता है ,स्नेह दिखाना पड़ता है ,
लोगो की समस्याओं से सिफ्त पूर्वक झुड़ने का दिखावा करना पड़ता है जब तक काम बन नहीं जाता
है तब तक सहन करना पड़ता है             

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