मंगलवार, 13 दिसंबर 2011

यह भी सच है ---------

यह भी सच है ---------

 जनहित की चुपड़ी बातों से चौपाल पर वोट फँसाये जाते हैं.


किसान का पसीना तब तक ही खुशबूदार होता है जब तक वह वोट नहीं दे देता.

दलित के घर फेरी देने से राज सिंहासन का शुभ योग बन जाता है.


राजतिलक के लिए युवराज ही चुना जाता है, बुद्धिमान नहीं .


गांधी विचार के लोग बखेड़े खड़े कर देते हैं इसलिए गांधी जाती को मजबूत करते हैं .


अल्पसंख्यक वेतरनी नदी को पार लगाने वाली नौका ही तो है .


आयात किये गये विचार देशी पुराणों कि सूक्तियों से बढ़कर माने जाते हैं .


विदेशो में सम्मान पाने के लिये स्वाभिमान को बेच देना किफायती सौदा है. 


दागी लोगों को ही मंदिर रास आते हैं ,शरीफ तो दूर से ही कन्नी काट लेते हैं .


महंगाई को कम करने के लिये आंकड़ों के झाड़ पर वार कीजिये .


समस्या का सबसे अच्छा हल उसे अनदेखा करने में है.


सवा सौ को खुश करने से इक्कीस है एक घर की चमचागिरी करना.


पूंछ को मजबूती से पकड़ के रखिये आप कहीं ना कहीं तो पहुँच ही जायेंगे .


राम सुमिरन से जग पार और वंश सुमिरन से चुनाव पार . 


वादा करने में कंजूसी क्यों ,कंजूसी अमल करने पर रखिये.


मुकर जाना या धोखा देना कला है ,सज्जन इसमें अनाड़ी सिद्ध होते हैं.


दाम से काम, सफलता का शोर्ट-कट फॉर्मुला है.


जन सामान्य का पेट सरकार की आलोचना करने से भर जाता है.


न्याय की बात से दुश्मनी पनपती है इसलिए गूंगे बहरों के दुश्मन कम होते हैं.


अवमानना का दोषी नेता नहीं होता है,क्योंकि वह पहुँच से परे है.


अड़ियल लोग सच को पकडे रहने की बेवकूफी करते हैं,दूर द्रष्टा छोड़ देते हैं .


दौ कौमो में संघर्ष -संभावना है शीघ्र चुनाव होंगे.


शहर की सड़के साफ है ,मतलब लाल बत्ती इस रास्ते से जायेगी.    





           

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