शनिवार, 10 मार्च 2012

अनूठा लोकतंत्र


अनूठा लोकतंत्र 

अपने आप में अनूठा है,
विश्व का बड़ा लोकतंत्र .


यहाँ सियासत चलती है, 
परिवारवाद की बैसाखियों से .
विरासत के युवराज को ,
होता है सत्ता का हस्तांतरण .


यहाँ सियासत चलती है ,
जातिवाद के कंधो पर. 
वोट बैंक की वेतरनी से , 
होता है सत्ताधीश का आरोहण .


यहाँ सियासत चलती है 
धर्म सम्प्रदाय के तौल पर 
हरे,नीले,लाल, केसरी झंडे से 
होता है सत्ता का पदार्पण 


यहाँ सियासत चलती है, 
बाहुबल के जोर पर.
लगे हो लाख दाग चरित्र पर, 
होता है सत्ताधीश का अलंकरण .


यहाँ सियासत चलती है ,
नफे घाटे के व्यापार पर .
लेते हैं कसमें करते  हैं वादे,
होता है फिर कथनी का चीर हरण .    

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