गुरुवार, 26 जुलाई 2012

चोर से वार्ता

चोर से वार्ता 

रात में अनजाने व्यक्ति को अपने घर में देख हम हडबडा गये फिर धीरे धीरे  आदर
के साथ उससे कुटनीतिक वार्ता करने लगे .

क्या आप चोर हैं जी ?

क्या आप अपने साथी चोरो का नाम बताने की मेहरबानी करेंगे ?

क्या आप हमें यह बताएँगे की आपने चोरी का माल कहाँ छिपाया है?

क्या आपने आज तक की हुयी सभी चोरियों का विवरण प्रदान करेंगे ?

क्या आप जानते हैं कि जो धन आपने चुराया है वह हमारी मेहनत  की कमाई का है?

क्या आप चुराया हुआ धन हमें वापिस करेंगे ?

क्या आप सामने चल कर पुलिस की पकड़ में आयेंगे ?

क्या आप पुलिस को कह कर अपने लिए कड़ी सजा की माँग करेंगे?

क्या आप अपनी कड़ी से कड़ी सजा खुद तय करेंगे?

क्या हम आपके साथ इस बात पर मीटिंग रख सकते हैं कि आपको कैसे जेल
       में डाला जाए ?

क्या आपकी चोर बिरादरी को सबक सिखाने में आप हमारी मदद करेंगे?

क्या आप चोरी के आजमाये और संभावित तरीके हमें बताने की कृपा करेंगे?

आप चोरी करना बंद नहीं करेंगे तो हम अनशन करेंगे ?

आप चोरी करके जेल की हवा खाने की तैयारी खुद नहीं करेंगे तो हम अनशन करेंगे?

आप झूठे, धूर्त, चालाक, फरेबी, अनैतिक और धोखेबाज हैं इसलिए हम अनशन करेंगे?

चोर बोला - हम आपका सहयोग पूरी निष्ठा,तत्परता के साथ करने का वादा करते हैं
हम जब तक चोरी का दुसरा उपाय नहीं ढूढ़ लेते तब तक आप धीरज रखिये .हम अपने
शातिर चोर से परामर्श कर रहे हैं ,रास्ता निकाल रहे हैं ताकि चोरी को नया नाम दे सके
और नए नामकरण के पश्चात चोरी को अपराध घोषित कर देंगे ताकि आप भी संतुष्ट हो
सके और हम भी संतुष्ट होते रहे .आप नए नामकरण तक हमारा सहयोग करे और हमे चोरी
करने दे .   


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