शनिवार, 18 अगस्त 2012

वह ...............?


वह ...............?

उसकी गणित बहुत अच्छी है ,सवाल कैसा भी हो यदि उसे नहीं भी आता है तो उस सवाल
का उत्तर इस तरह पेश करता है कि बाकी सबकी की गणित को फेल बता देता है ,आंकड़े
का करतब का अच्छा जानकार है ,किधर का मिंडा किधर इस तरह फिट करता है कि
लोग  उसे मास्टर माइंड कहते हैं .
कभी कभी उसे दिन में भी नहीं दीखता है मगर अँधेरे में भी चश्मा लगाकर सब पढ़ लेता
है .जब भी उसे गड़बड़ दिखने लगता है उसकी आदत है झट से चश्मा उतार लेता है और
अंधा बन जाता है.
वह बहुत मधुर आवाज में बोलता है ,चोर उच्चके को डाँटते समय भी वह उपदेश की प्यारी
भाषा का प्रयोग करता है .गपलेबाज उठाईगीरे उसकी डांट को प्रवचन समझ कर बुरा भी नहीं
मानते हैं 
वह  पैसे को छूता तक भी नहीं ,अपनी मेहनत की कमाई भी शुद्ध जल से  धोकर काम में लेता
है,वह ईमानदार है कोई उसके सामने चोरी भी कर ले तो भी वह आँख बंद कर  लेता है मगर
खुद चोरी नहीं करता है
वह संत है ,उसके मन में चोरों के प्रति भी घृणा नहीं है.वह चोरो का भी भला ही करता है,परोपकार
उसके खून में है इसलिए किसी पर अँगुली भी नहीं उठाता है.
यदि उसके सामने कोई सच बोलता है तो वह नजरे झुका लेता है और उसके सामने झूठ कोई
बोलता है तो वह चुप्पी साध लेता है .
दुसरे गाँव के लोग उसे आदर से पंडितजी कहते हैं और वह भी उन्हें ज्ञान बांटता है ,उसके ही ज्ञान
से लोग उसे ठग लेते हैं तब भी वह अधीर नहीं होता है और खुद को मुर्ख नहीं समझता है.
जब भी उसे पंचायत में बिठाया जाता है वह सबकी वाह वाही लुटता है क्योंकि वह अपनी बात
रखता ही नहीं है
वह संवेदनशील है .चोर,उच्चके ,धूर्त ,मक्कार ,झूठे और नास्तिक सबके प्रति संवेदना रखता
है .अपने मुंह से बुरा कहकर अपनी जबान कभी गन्दी नहीं करता है।
वह धन्य है ,धन्य है .
 
  

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