गुरुवार, 2 अगस्त 2012

राजनीति से रामराज्य की स्थापना का प्रश्न

राजनीति  से रामराज्य की स्थापना का प्रश्न 


टीम अन्ना ने देश के समक्ष प्रश्न रखा है कि क्या राजनीति में आकर ही इस देश में बदलाव की आशा
करनी चाहिए ?इस देश के वर्तमान राजनेता इस तरह संवेदन हिन हो गए हैं कि जनता की इच्छा के
प्रति उन्हें कोई लगाव नहीं रह गया है ?इस देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे
लोगो से बात नहीं करके ये मूढ़ नेता अहंकारी या राज धर्म से च्युत नहीं हो गए हैं ?
भारत की वर्तमान तस्वीर 
1.करोड़ो लोगो को पीने का पानी,दौ जुन की रोटी और माथे पर छत का कोई बंदोबस्त 
आजादी के बाद से नहीं हो पाया है 
2.शिक्षा की लचर व्यवस्था है ,हजारो गाँवों में शिक्षा की समुचित व्यवस्था नहीं है 
3.लाखो लोग कुपोषण और भुखमरी के शिकार हैं 
4.स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था निम्न कोटि की है 
5.देश का 97%धन देश के 3%लोगो के हाथ में है 
6.किसान को ना समय पर उचित कीमत पर बीज  उपलब्ध है और ना ही बिजली .
किसान गरीब होता जा रहा है ,देश का पेट भरने वाला किसान खुद आत्महत्या करने 
के लिये मजबूर हो गया है 
7. हर काम के लिए रिश्वत देनी पड़ रही है 
8.राजनेता भ्रष्ट होते जा रहे हैं
9.राजनीती को पैसा बनाने का सुगम रास्ता बना दिया गया है 
10.राजनेता और बड़े उद्योगपति मिलकर भ्रष्टचार कर रहे हैं।
11.टैक्स की मार से जनता बेहाल है 
12.जनता राजनेताओ के घटिया चरित्र का अनुकरण करने को मजबूर होती जा रही है 
13.राजनीती में परिवारवाद का रोग फैल चुका है 
14.स्वार्थी राजनेता देश हित को गौण बनाते जा रहे हैं 
15.भारत की संस्कृति का जानबूझ कर ह्रास किया जा रहा है 
16.भारतियों को जाती,धर्म ,अगड़े-पिछड़े में बांट कर राजनेता अपना-अपना उल्लू 
सीधा कर रहे हैं 
17.गरीब भारतीयों को टैक्स के घेरे में लेकर लुटा जा रहा है और अमीर भारतीयों को 
अपरोक्ष रूप से छुट दी जा रही है 
18.कानून का पालन सिर्फ गरीब भारतीयों को करना है यदि कोई मजबूर होकर या पेट 
भरने के लिए चोरी जैसा घ्रणित काम करता है तो उसके लिए दंड का विधान है मगर 
अमीर लोग उस कानून को ठेंगा दिखा देते हैं 
19.जनकल्याण की योजनाओं के नाम पर  सरकारी अमला जनता के धन को लुट 
रहा है और सरकार वोटो के लालच में अनुपयोगी योजनाओं को चालु रखती है 
20.आतंकवाद से लड़ने के लिए कोई ठोस कदम सरकार नहीं उठा पायी है .बम्ब 
विस्फोट और आतंकी घटनाओं में जनता मारी जाती है 
21.हर समस्या को अनदेखा किया जा रहा है या जांच बैठाने की बात कहकर उस समस्या 
पर पर्दा डाल दिया जाता है 
22छद्म धर्मनिरपेक्षता के नाम पर भारतीयों में भेदभाव किया जा रहा है 


इस देश में समस्याएँ बहुत है ,इलाज नहीं है।कुछ लोग गांधीवादी विचारधारा से दौ-दौ हाथ करते हैं
तब सारे दल एक जुट होकर उनका मखोल उड़ाते हैं .ऐसे प्रतिकूल समय में क्या करे भारतीय ,यह
प्रश्न है।
अन्ना टीम इस प्रश्न का हल राजनीती में आकर करना चाहती है ,शायद यह ठीक भी है क्योंकि
देश के संविधान में जरुरी परिवर्तन की अति आवश्यकता है जिसे देश हित की सोच वाले लोग
मिलकर ही कर सकते हैं
टीम अन्ना का यह निर्णय देश को नयी आशा देता है ,नई रौशनी देता है .हम अपने देश की पहचान
भ्रष्ट देश के रूप में सहन नहीं कर सकते .    

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