गुरुवार, 11 अक्तूबर 2012

सीख

सीख 

1.गली की सडक पर एक व्यक्ति ने रात की बासी रोटियाँ फ़ेंक दी। गली के कुत्ते जो आराम से
पास-पास पड़े उंग रहे थे वे रोटियाँ देख कर उनकी ओर लपक पड़े।रोटियाँ काफी थी मगर
कुत्ते आपस में झगड़ पड़े।कोई भी कुत्ता रोटी नहीं खा रहा था ,एक दुसरे पर गुर्रा रहे थे और
काट रहे थे तभी दूसरी गली का एक कुत्ता वहां आ गया।सभी कुत्ते चोकन्ने हो गए और सब
मिलकर बाहर के कुत्ते पर पिल्ल पड़े।बाहर का कुत्ता बड़ी मुश्किल से खुद को बचाता हुआ
गली से निकल पाया।

2.गली की सडक पर एक व्यक्ति ने रात की बासी रोटियाँ फ़ेंक दी। गली के कुत्ते जो आराम से
पास-पास पड़े उंग रहे थे वे रोटियाँ देख कर उनकी ओर लपक पड़े।रोटियाँ काफी थी मगर
कुत्ते आपस में झगड़ पड़े।कोई भी कुत्ता रोटी नहीं खा रहा था ,एक दुसरे पर गुर्रा रहे थे और
काट रहे थे तभी दूसरी गली का एक कुत्ता वहां आ गया।उसने देखा रोटियाँ भी खूब पड़ी है
और ये एक ही गली के कुत्ते लड़ रहे हैं क्यों नहीं इनकी लड़ाई को और बढ़ा दिया जाए ताकि
रोटियों से पेट भर सके। उस कुत्ते ने आपस में लड़ रहे कुत्तों के कान के पास जाकर कुछ
कहा उसके बाद तो गली के कुत्ते और ज्यादा भोंक- भोंक कर लड़ने लगे और बाहर वाला कुत्ता
आराम से पेट भर कर चलता बना।

3. गली की सडक पर एक व्यक्ति ने रात की बासी रोटियाँ फ़ेंक दी। गली के कुत्ते जो आराम से
पास-पास पड़े उंग रहे थे वे रोटियाँ देख कर उनकी ओर लपक पड़े।रोटियाँ काफी थी मगर
कुत्ते आपस में झगड़ पड़े।कोई भी कुत्ता रोटी नहीं खा रहा था ,एक दुसरे पर गुर्रा रहे थे और
काट रहे थे तभी दूसरी गली का एक कुत्ता वहां आ गया।उसने देखा रोटियाँ भी खूब पड़ी है
और ये एक ही गली के कुत्ते लड़ रहे हैं,ना तो ये रोटियाँ खुद खा रहे हैं और हो सकता है उसे भी
ना खाने दे।कुत्ते ने एक उपाय सोचा और गली के कुत्तों के कान के पास जाकर कुछ कहा।सभी
कुत्ते गुर्राना बंद कर रोटियों के ढेर की ओर गये और बाहर वाले कुत्ते के साथ मिलकर प्रेम से
पेट भरने लगे।

परिस्थिति नंबर एक यह सिखाती है कि घर के भीतर भले ही आपस में मतभेद हो मगर बाहर
के लोग उन मतभेदों पर टाँग अडाने लगे तो सब मिलकर उसका प्रतिकार करे ताकि परिवार की
अखंडता पर खतरा ना आ पाए।

परिस्थिति नंबर दौ यह सिखाती है कि आपस की कलह के कारण हाथ में आया अवसर भी
चला जाता है और उसका फायदा गैर लोग उठा ले जाते हैं।

परिस्थिति नंबर तीन यह सिखाती है आपस का मतभेद यदि मिलकर नहीं सुलझाया जा सके
तो बाहर के किसी योग्य,निष्पक्ष व्यक्ति द्वारा शांति पूर्ण हल निकला लिया जाए ताकि सब
प्रेम से जी सके।

         

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