शनिवार, 3 नवंबर 2012

तेरी भी वाह -मेरी भी वाह!

तेरी भी वाह -मेरी भी वाह!

एक चोर ने दुसरे चोर पर आरोप लगाते हुये कहा -तूने जमीन लुटी!
दुसरे ने कहा -तुमने खजाना लुटा !!
पहले ने कहा -तूने दोनों लुटे !
दुसरे ने कहा -तूने भी दोनों लुटे और साथ में दलाली भी !
पहले ने कहा -ये सब तो तूने भी किया और साथ में फर्जीवाड़ा भी !
दुसरे ने कहा -तेरे को मौका मिले तो तू क्या पीछे रहेगा ?
पहले ने कहा -मौका मिलने पर करूंगा ,अभी तो तू जेब भर रहा है।
दुसरे ने कहा -छुटपुट चिल्लर तो तुझे भी लुटने दे रहा हूँ।
पहले ने कहा - तू मुझे बदनाम करता है
दुसरे ने कहा -तू भी तो मुझ पर कालिख पोतता है।
पहले ने कहा- तू मुझ पर आरोप लगाता है।
दुसरे ने कहा -तू कौनसा मुझे बख्शता है।
पहले ने कहा -मुझे अपनी दूकान चलानी है!
दुसरे ने कहा- मुझे कौनसा धंधा बंद करना है !
 
 इतने में तीसरे को आता देख दोनों एक साथ चिल्लाये -

चुप कर बे,लगता है मालिक आ रहा है ,तू मेरी वाह कर और मैं तेरी .


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