रविवार, 3 फ़रवरी 2013

बदलती संस्कृति


बदलती संस्कृति 

मेरे देश का परिवेश बदल रहा है ,भाषा बदल रही है ,संस्कृति बदल रही है ,आधुनिकता के
तूफान में जो अच्छा था वह भी ढह ढहा कर गिर रहा है -कुछ पंक्तियों का आनन्द लीजिये,
व्यंग प्रस्तुत है -

एक ससुर ने
पढ़ी लिखी बहु से कहा-
बहु ,
मेरा पोते को कुछ संस्कार सीखा।
उसके बाल मन को,
कुछ प्रभु की ओर झुका,
उसे कुछ श्लोक,प्रार्थना सीखा।
बहु बोली -
आपकी आज्ञा का होगा पालन,
बताईये कौनसे श्लोक का है चलन।
ससुर बोला -
मेरे पोते को सबसे पहले
"त्वमेव माताश्च पिता त्वमेव "सीखा
कुछ दिन बाद पोते ने
यह प्रार्थना अपने दादा को
कुछ  इस तरह सुनायी-
यू आर माई मॉम
यू आर माई डेड
यू आर माई ब्रो
यू आर माई फ्रेंड
यू आर माई टीचर
यू आर माई मेम
यू आर माई ऑल
यू आर माई ऑल  

कोई टिप्पणी नहीं: