रविवार, 14 अप्रैल 2013

कामयाबी के चार कदम

कामयाबी के चार कदम 

Dream + Goal + Plan + Action = Success

बहुत ही सरल है कामयाब होना लेकिन फिर भी व्यक्ति असफल हो जाता है

Dream :- हम खुली आँखों से बड़े सपने देखना सीखे।अक्सर व्यक्ति बड़े सपने खुली आँखों
से देखते हुए डरता है जब भी सपना देखता है तो उसके मन में नकारात्मक भाव आ जाता
है कि "यह होने वाला नहीं है। " यह नकारात्मक भाव भविष्य की अपार सम्भावनाओं को
मिटा देता है।हम बड़े सपने देखना सीखें।जब सपना खुली आँखों से देख लेते हैं तो अपने से
एक सवाल करे- कब और कैसे ?बड़े सपने को निश्चित समय में बाँट दे और कैसे की तैयारी
शुरू कर दे।

Goal  :- जब हम खुद से "कैसे" होगा सपना पूरा का सवाल करते हैं तब अपने लक्ष्य को
स्पष्ट कर ले।क्या करना है,कैसे करना है,किससे मदद ली जा सकती है,किससे मार्ग दर्शन
लेना है,लक्ष्य के पथ पर किस गति से चलना है और मंजिल पर कब पहुंचना है ये सब स्पष्ट
हो जाने पर जिस विषय पर आप जाना चाहते हैं उस पर आपका ज्ञान कैसा है ?क्या आप में
यह क्षमता है कि आप उस विषय का गहन/बारीक विश्लेष्ण कर सकते हैं ?अगर आपका
उत्तर "हाँ" में है तो आप अगले कदम को बढ़ा दे और उत्तर स्पष्ट नहीं है तो उस विषय में पहले
पारंगत हो कर आगे बढ़े।

प्लान :- लक्ष्य को तय करने के बाद आप अपने विचारों से लक्ष्य के प्रति समर्पित हो जाए
और संदेह को त्याग दे।अपने लक्ष्य के प्रति नकारात्मक ना बने कमजोर विचारों को दूर
फेंक दे।योजना बनाते समय संभावित कठिनाईयों को चिन्हित करते चले ताकि उन के हल
ढूंढ़ सके।समय को खास महत्व दे क्योंकि आपका लक्ष्य उसी पर टिका है।योजना और
रणनीति बनाते समय हर बारीक बात का ध्यान रखें।आपका नक्शा तैयार हो जाने पर एक
बार पुन: अवलोकन करे यदि आपके सपने के अनुकूल है तो अपनी कलम के नीब को तौड़ दे
यानि करो या मरो

Action :- अब समय आ गया है अपने सपने की ओर बढ़ने का।अब केवल एक ही महापुरुष
की बात को याद रखना है -उठो,जागो और चल पड़ो ,तब तक मत रुको जब तक आप अपने
लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते। खुद पर विश्वास रखो और परमात्मा पर आस्था क्योंकि ये
दोनों ऊर्जा के अक्षय भण्डार हैं।

......अविलम्ब कदम बढ़ा दीजिये क्योंकि यह रास्ता सफलता की ओर ही जाता है।                      

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