शनिवार, 6 अप्रैल 2013

नेता उपदेश .............

नेता उपदेश   .............

"मैं जानता हूँ कि समस्या क्या है क्योंकि मैं यह भी जानता हूँ कि समस्या किसकी
वजह से पैदा हुई ....
मैं समस्या को अच्छी तरह से रख सकता हूँ ताकि मेरे ज्ञानी होने का ढ़कोसला
पैदा हो सके ....
मैं समस्या के हल नहीं जानता हूँ और परीक्षा में हल नहीं जानने वाला असफल
होता है मगर मैं इसे अपनी सफलता मानता हूँ ...
उत्तर पुस्तिका में प्रश्न लिखकर मैं पूछता हूँ -अब तो पप्पू पास है ना,क्योंकि मेने
कुछ लिखा तो है .....
अब इतना कहकर मैं अपना भाषण समाप्त करता हूँ।"

भाषण समाप्त होते ही कबीले वाले खुश हो गये और कहा -वाह ! राजा बेटा होशियार
हो गया अगर समस्या का कारण और उपाय बता देता तो अपनी सैंकड़ो साल पुरानी
कब्र खुद जाती।

कुछ घाघ लोग ताली बजाने लगे,उनसे पूछा -यह हरकत क्यों ?वो बोले -ताली बजाने
की कीमत मिलती है कोई फोकट में नहीं बजा रहे हैं।
  

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