बुधवार, 21 अगस्त 2013

ये कैसा भारत निर्माण …?

ये कैसा भारत निर्माण  …?

देव भी पुरुषार्थ के पीछे चलता है ,ऐसा हिन्दू दर्शन और विद्धवानों का मानना है,मगर
वर्तमान भारत के हवा में उड़ने वाले अंधे नेता ऐसा नहीं मानते हैं। इसका कारण या
तो ये नेता समस्या को मूल रूप से समझ नहीं पा रहे हैं या फिर समस्या को उलझाये
रख कर स्वार्थ सिद्ध करना चाहते हैं। देखिये कुछ बानगियाँ -

1 . पुरुषार्थी भारतीय की जगह 65 % भारतीयों को निकम्मा बनाने के लिए खाद्य
     सुरक्षा ,इसका कुफल ये होगा कि भारतीय मेहनत करके पेट भरने की जगह
     कोड़ी के भाव मिलने वाले अन्न से पेट भरेंगे और निठल्ले पड़े रहेंगे। वास्तव
     में समस्या बेरोजगारी की है ,करोड़ो युवा काम माँग रहे हैं ,सरकार उन्हें काम
     देने की जगह निठल्ला क्यों बना रही है जबकि इस देश में विश्व के अन्य देशों
    की तुलना में सबसे ज्यादा युवा बसते हैं।

2. समस्या है गुणवत्ता युक्त शिक्षा और उपाय निकाला है कि बच्चा अगर नहीं भी
    पढ़ रहा है यानि कम अंक अर्जित कर रहा है तो भी उसे अगली कक्षा में प्रवेश दे
    देना ,बच्चे को तरासना मकसद नहीं है ,बस शिक्षित भारत के आँकड़े जुटाने हैं।

3.  समस्या है गाँवों को स्वावलम्बी बनाने की मगर चला रहे हैं अकुशल मजदुर
     योजना और वह भी महात्मा के नाम पर , क्या महात्मा का यह सपना था कि
    उसके देश के गाँवों के लोग गढ्ढे खोदते रहे और कच्ची रेत की सडके बिछाते
    रहे.

4 . समस्या है नारी के गौरव को बढ़ाने की मगर उपाय खोजा है पारिवारिक रिश्तों
    में कलह पैदा करने का। बाप की सम्पति में पुत्रियों को बराबर का हक़ देकर
    भाई बहिन के पावन रिश्ते में आग लगाने की कोशिश और इसका नतीजा आने
   वाले समय में यह देखने को मिलेगा कि बहिने भाइयों की कलाई पर राखी की
   जगह पेतृक सम्पति में हक़ पाने के लिए हथकड़ी लगवायेगी और भाई उसे डोली
  में बैठने से पहले उसकी शादी के खर्च की तलपट तैयार करके उसे देगा।

5. समस्या है जनसँख्या दर को संतुलित करने की और उपाय निकाला है लीव इन
   रिलेशनशिप के रूप में यानि खूब व्यभिचार करो और असयंम रखो।

6. बात करते हैं सामाजिक सोहार्द की और नीति जिस पर अमल करते हैं वो है
   भेदभाव और तुष्टिकरण की।

7. समस्या है भ्रष्टाचार की जिसके लिए जरूरत थी शक्ति सम्पन्न लोकपाल
     की मगर उपाय खोज रहे हैं अशक्तपाल रिमोट से

8. समस्या है भुगतान संतुलन की और उपाय खोजा है F D I ,जो आर्थिक गुलामी
  की ओर ले जायेगा जबकि रास्ता था काले धन को विदेशो से वापिस लाने का।

9. समस्या है अकर्मण्यता और लालफीताशाही की और उपाय खोजा जा रहा है
    वाणी स्वतन्त्रता को कुचल कर रख देने का ताकि खूब मनमानी कर सके और
   विरोध करने वाले को कालापानी दिया जाये।

10. समस्या है सही नीति के निर्माण की और उसे अमल में लाने की मगर उपाय
     खोजा जा रहा है भव्य रंगीन विज्ञापन के जरिये खुशहाल भारत बनाने की          

कोई टिप्पणी नहीं: