बुधवार, 18 सितंबर 2013

इसीलिये गर्व है- मैं हिन्दू हूँ ,हिंदुस्तानी हूँ।

इसीलिये गर्व है- मैं हिन्दू हूँ ,हिंदुस्तानी हूँ।

मेरी माँ के आँचल में पनाह पाता हर धर्म
मेरी माँ कि छाती से पोषित सब संस्कृति
मेरी माँ की गोदी में प्रफुल्लित है हर कोम
इसीलिये गर्व है -मैं हिन्दू हूँ ,हिंदुस्तानी हूँ।

मेरे वेद की ऋचाएँ मुझे सम दृष्टा बनाती है
मेरे उपनिषदो से धारा स्नेह की बरसती है
मेरे पुराणों की गाथा सत्य की लौ जलाती है
इसीलिये गर्व है- मैं हिन्दू हूँ ,हिंदुस्तानी हूँ।

मेरे राम सिखाते हैं जीना आदर्श जिन्दगी
मेरे श्याम गाते हैं निष्काम कर्म है बन्दगी 
मेरे शंकर पीते रहे गरल बचाने को सृष्टि
इसीलिये गर्व है- मैं हिन्दू हूँ ,हिंदुस्तानी हूँ।

मेरे दिल में है रसखान मेरे मन में कबीरा है
मेरे दर्शन में महावीर भुजा में गुरु गोविन्दा है
मेरी धडकन में बसी टेरेसा मेरे कर्म में बुद्धा है 
इसीलिये गर्व है- मैं हिन्दू हूँ ,हिंदुस्तानी हूँ।


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