शनिवार, 28 सितंबर 2013

बुरे फंसे नानसेंस

बुरे फंसे नानसेंस 

चने के झाड़ पर पंच चढ़ गए तो गुज्जु ने हाथ खिंच लिए और हाथ खींचते ही पंच
फस गए कि अब इस हड्डी को कैसे उगले.उस दिन तो गुज्जु बड़ा भाईपना दिखा
रहा था -जोर जोर से चिल्ला रहा था -  चोर-चोर मोसेरे भाई !माँ ने कहा था कि ये
गुज्जु  बड़ा तीसमारखा है मगर हम ही नहीं माने ,माँ तो पटखनी खा चुकी थी
इसलिए डांट रही थी . सब पंचों ने विलाप किया -बबलू ,कुछ सोचो ,वो तो अनर्थ
करके भाग लिया और पिंडा अपने बांध गया .

बबलू बोला- तुम लोग तो खाए खेले हो ,ये फैसला तो सबके हक़ मैं था ,मेरे जीजू के
हक़ में था ,ये वाले अंकलजी ,छुक छुक वाले अंकलजी ,सिगड़ी वाले अंकलजी ,
फोन वाले अंकलजी ,भेंस वाले और बंगले वाले अंकलजी सबके हक़ में था ,नाश
हो उस गुज्जु अंकल का जो हाँ -हाँ में सर हिलाता रहा और अब साफ ना कर बैठा ,
अब मैं तो नया रंगरूट ,मैं क्या जानू कि चक्रव्यूह कैसे तोडा जाता है ,मैं तो इस
खटपट से दूर मामा के घर जाउंगा .

बबलू की बात सुन सब के मुंह उतर गए ,सब गले में अटकी हड्डी को लेकर परेशान
थे ,आखिर में तकले अंकल ने कहा - लुन्गीवाले,सब लपेटे में आ गए हैं ,गले में अटकी
ये हड्डी से गला लहुलुहान हो गया ,करमजले तूने ही तो कहा तो सब सेट हो गया ?

लुन्गीवाला बोला -सब सेट था ,मगर ये गुज्जु !हाँ कह रहा था की ना कह रहा था
ये समझने में मार खा गया और ऊपर से दादा भी दांत किटकिटा रहे हैं और सुपर
सर तो दूसरा धमाका नापसंद बम्ब से भी कर चुके हैं .

खुरखुरे बोला -एक उपाय है ,अम्मी के पास चलते हैं ,विलायती बादाम की खोपड़ी
में जरुर कुछ छटकने का उपाय होगा .

सब के सब अम्मी के घर की ओर भागे .सबको भागते देख अम्मी समझ गयी की
जरुर कुछ कलई खुलने वाली आफत आन पड़ी है .

अम्मी बोली -क्यों सिटपिटाये हो कर्मजलों?

दुग्गी बोला -गेम पेक होना है ,वो तो साहूकार बन गाँव भर में डुगडुग्गी पिट रहा है
और कह रहा है -मैं साहूकार ,अब अम्मी क्या करे ,हाय रे हड्डी ....

अम्मी बोली -फिक्र ना करो ,बड़ा चमचा तो अब काम आने वाला नहीं है इसलिए
उसे तोड़ दो !

सब एक साथ बोले -हैं ...!!! .फिर समझ गए तो तालियाँ बजा उठे और लगे बड़े
चमच्चे को घिसने .

बबलू भी जोश में आ गया और बोला -देखो,मैं इस चमचे के दो टुकड़े करता हूँ ,
तुम सब जयजयकार करना .

बबलू ने गाँव की टंकी पर चढ़ कर ऐलान किया -बेवकूफ,अब नयी पिक्चर का
हीरो अपुन खुद बनेगा  और बड़े चमच को घिस दूंगा

बाकी के कुछ चमचों ने तालियाँ बजाई ,समर्थन किया ,तुरंत थूंका तुरंत चाटा
और बड़ा चमचा दूर पड़ा कराहा-अपुन ने कुछ नहीं किया ,अपुन ने सबको खिलाया ,
अपुन का पेट भूखा है     

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