बुधवार, 8 जनवरी 2014

फैसला ???

फैसला ???

एक पेड़ पर मधुमक्खियों ने अपना छत्ता जमाया और सब मिलझुल कर काम करने
लगी। मधुमक्खियाँ जँगल में उड़ती रहती और पराग इकट्टा करती रहती। सब मिल
कर काम करते रहने से देखते ही देखते उनके छाते में ढेर सारा शहद जमा हो गया।
एक दिन एक बन्दर कहीं से कूदता फाँदता उस पेड़ पर आ गया। बन्दर को वह पेड़
सुरक्षित लगा इसलिए उसने वहीं डेरा जमा दिया।

               एक दिन बन्दर को जोर से भूख लगी तो उसने सोचा मधुमक्खियों ने जो
शहद इकट्टा किया है उससे पेट भर लिया जाये। वह छत्ते के पास गया और अपना
हाथ छत्ते में डाल दिया। अपने छत्ते के शहद पर बंदर का आक्रमण देख बहुत सारी
सैनिक मधुमक्खियों ने बंदर के शरीर पर जगह-जगह डंक मारने शुरू कर दिये।
बन्दर दर्द से बिलबिलाता हुआ वहाँ से भाग गया। बंदर के हाथ न तो शहद लगा और
शरीर भी डंक के विष से दर्द करने लगा।वह मधुमक्खियों को सबक सिखाने के उपाय
पर विचार करने लगा और लोकतंत्र की लकीर पर चलने का फैसला कर राजा शेर के
पास पहुँच गया।

          बंदर ने शेर से कहा -महाराज ,आपके जंगल में लोकतंत्र से शासन चलता है,
मगर लोकतंत्र को अपने हाथ में लेते हुये मधुमक्खियों ने मुझे डंक मार मार कर
घायल कर दिया।

शेर ने पूछा -मधुमक्खियाँ तो मेहनती स्वभाव की होती है और अकारण किसी पर
हमला नहीं करती है फिर तुमको बेवजह डंक क्यों मारा। चलो ,वहाँ चल कर निपटारा
करते हैं।

       पेड़ के पास आकर शेर ने मधुमक्खियों से पूछा- तुम सब ने मिलकर इस
बन्दर को घायल क्यों किया ?

मधुमक्खियों ने कहा -महाराज, इस बन्दर ने हमारा इकट्टा किया हुआ शहद खाना
चाहा और शहद पाने के लिये छत्ते में हाथ डाल दिया ,अगर हम हमला नहीं करती
तो यह सारा शहद खा जाता।

शेर ने कहा -बात तुम्हारी सही है मगर यह जँगल लोकतंत्र के कानून से चलता है,
आपको कोई परेशानी थी तो शिकायत लेकर हमारे पास आती,कानून अपने हाथ
में लेने कि कहाँ जरूरत थी ,बन्दर को सजा देने का कानून को हक़ है मगर तुम
सबने मिलकर बन्दर को सजा दी इसलिये तुम सब अपराधी हो।

शेर का फैसला सुन कर मधुमक्खियाँ तिलमिला गयी और रानी मधुमक्खी ने
आक्रमण करने का निर्णय ले लिया। देखते ही देखते सब मधुमक्खियाँ शेर और
बन्दर पर डंक मारने लगी। मक्खियों के विषैले डंक के दर्द से बंदर और शेर भाग
खड़े हुये।

       कहानी एक सवाल छोड़ जाती है कि क्या ताकतवर बंदर को मनचाहा करने का 
हक़ था ?क्या बंदर को सजा देने का हक़ मधुमक्खियों को था?  राजा शेर के निर्णय
पर मधुमक्खियों की रानी का लिया गया निर्णय योग्य था या अयोग्य ?          

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