गुरुवार, 20 मार्च 2014

इस तरह सफल होगा 272 + का प्लान

इस तरह सफल होगा 272 + का प्लान

भारत के लोकतंत्र में वर्षों बाद किसी नेता ने पूर्ण सपना देखा वरना इससे पहले
तो सभी नेता चाहे किसी भी दल के हो सबने जुगाड़ तंत्र के सपने देखे थे। जुगाड़ी
नेताओं ने मान लिया था कि भारत में आने वाले कई चुनावों में जुगाड़ तंत्र ही
चलने वाला है इसलिए सबकी मानसिकता जुगाड़ वाली हो गई। नरेंद्र मोदी ही
एक ऐसा नेता निकले जिन्होंने फिर पूरा सपना देखा ,उनकी टक्कर के नेता
जोड़ तोड़ की तन्द्रा में अभी भी घसीट रहे हैं। आइये देखते हैं एक तस्वीर जो
272 + की बन चुकी है

1. 272 + की जिद्द -सफल और आत्म विश्वास से भरे नेता की विशेषता होती
है कि वे अपने टारगेट को सफलता के पड़ाव बिंदु से आगे देखना चाहते हैं।
मोदी ने अपनी जीत के सपने को स्पष्ट रखा इससे उनकी पार्टी के कार्यकर्त्ता
जोश से लबालब भर गए ,जोश ही ऊर्जा बनता है और ऊर्जा ही प्रकाश फैलाती
है।
2.विशिष्ट  छवि - मोदी ने अपनी छवि को राष्ट्रवादी हिन्दू के रूप में रखा जो
सबको साथ लेकर चलने को तैयार है। मोदी ने हिंदुत्व को अन्य नेताओं की
तरह जन्म या धर्म से जोड़ कर नहीं देखा उन्होंने भारतीयता से जोड़ कर देखा
कोई भी कोम जो भारत पर गर्व करती है मोदी उनका विकास चाहते हैं।

3. वाक चातुर्य -मोदी उन गिने चुने नेताओं में से है जो वाक पटु हैं। शब्दों का
चयन,विषय पर पकड़ और जनता को बाँधे रखने की गजब की  क्षमता है।
विरोधियों की हलकी सी चूक को पूरी ताकत से पकड़ते हैं और उसकी विशाल
विकरालता को जनता के सामने उछाल देते हैं। बेचारे विपक्षी उसकी काट
ढूँढने में समय बर्बाद कर देते हैं।

4. लक्ष्य को पाने की ललक - मोदी के आर्थिक मॉडल में जटिलता नहीं है
इसलिए हर कोई उससे प्राप्त लाभ को महसूस करता है। मोदी जटिल काम
को निरन्तरता से अंजाम देते हैं जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता तब
तक पसीना बहाते रहते हैं।

5. सरकार की हर भूल को भुनाना - सरकार की हर भूल पर पैनी नजर रखना
और अपने राज्य में उस भूल की जड़ को मिटाना,यह बड़ी मेहनत का काम
है मगर मोदी ने किया ,गुजरात के काम की तुलना में हर सरकार के काम को
देखना और उनकी कमजोर नस को बीच बाजार दबाना।

6. विरोधियों से प्रचार करवाना -मोदी को अपने प्रचार के लिए खुद के साथियों
के अलावा विरोधियों से भी मुफ्त प्रचार मिलता रहता है। हर एक पार्टी का नेता
अपने -अपने भाषण में मोदी का जिक्र करता रहता है जैसे हर एक सीट से मोदी
ही उम्मीदवार हैं। मोदी की आलोचना से उनके चाहने वाले पक्के बनते रहते हैं
और जो उनको नहीं जानते थे उनका ज्ञान हर नेता जनता को हर पल करवाता
रहता है।

7. पैनी व्युह रचना - मोदी की व्युह रचना उत्तम कोटि की होती है। छोटे से छोटे
पाशे पर गम्भीर चिन्तन और छोटे से छोटे विरोधी से सजग। साथीयों की खोज
में रहना और विरोधियों की फूट को अपने पक्ष में भुनाना। समाज के वर्ग विशेष
के मन को टटोलने की कवायद में लगे रहना। बूथ रचना से सोशियल मीडिया तक,
प्रिंट मीडिया से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तक सब जगह सुव्यवस्था।

8. विकास और व्यवस्था परिवर्तन के मुद्दे -मोदी की राष्ट्रवादी छवि और विकास
तथा परिवर्तन के मुद्दों की सरल व्याख्या जनता के दिल को छू लेती है। लोग
मोदी में भविष्य के सपने ढूँढ़ते हैं और मोदी गुजरात के विकास कामों को एक -
एक कर बताते जाते हैं और लोगों से आह्वान करते हैं उन पर भरोसा जताने का ,
विरोधीयों के तर्कों की धज्जियाँ उड़ाने में मोदी माहिर हैं।

9. राज्य के अनुसार टीम वर्क - मोदी जानते हैं की केवल विकास की बातों से
पूरी बात नहीं बनेगी। सपने को साकार करने के लिए जीत चाहिए और उसमें
जो नीति फीट बैठती हो उस पर डटे रहना है। राज्य के हिसाब से हर कार्ड को
खेलना है। मीडिया उनके बारे में क्या सोचता है या आलोचना करता है ,वे उस
पर कभी टिप्पणी नहीं करते ,उनकी अपनी टीम है और मौलिक सोच है।

10. अधूरे प्रतिस्पर्धी - मोदी को मजबूत प्रतिस्पर्धी नहीं मिले हैं ,विरोधियों
के कारनामें ,उनका कार्यकाल ,उनके राज्य की आन्तरिक अव्यवस्था ,
तुष्टिकरण की नाव में बैठे सभी प्रतिस्पर्धी ,विरोधियों की कथनी करनी का
फर्क ,बढ़ती महँगाई ये सब उनकी जीत में सहयोग कर रहे हैं।          


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