शनिवार, 13 सितंबर 2014

क्या धर्मनिरपेक्षता अब हिंदुत्व की परिभाषा समझ पायेगी ?

क्या धर्मनिरपेक्षता अब हिंदुत्व की परिभाषा समझ पायेगी ?

वर्तमान में कश्मीर को जब प्रकृति का प्रकोप झेलना पड़ा तब विश्व भर के इस्लाम 
और अन्य धर्मों ने ,पुरे भारत में फैली धर्मनिरपेक्ष राजनैतिक पार्टियों ने ,धर्म के 
नाम पर पक्षपाती खबरे चलाने वाले निकृष्ट पत्रकारों ने हिंदुत्व और राष्ट्रवादी हिंदु
दर्शन की हजारों सालों से चली आ रही जीवन पद्धति को बहुत दिनों तक साँसे 
थामे देखा होगा। "हिन्दू सांप्रदायिक होता है !" यह बात हिन्दू जाती में जन्म 
लेने वाले निकृष्ट टुच्चे नेता और कुछ टको पर खुद को बेच देने वाले निकृष्ट पत्रकार
पिछले कई वर्षो से करते रहे हैं ,काश हिन्दू का हर बेटा सांप्रदायिक होता तो इन  
कपटी दुरात्माओं को मालूम पड़ता कि कश्मीर में कितने लाख लोग पानी में डूब 
कर खत्म हो गये होते,मगर सत्य हमेशा सनातन होता है और कठोर भी। कटु सत्य 
विश्व ने देखा कि हजारों हिन्दू युवा अपनी जान की बाजी लगाकर गैर हिन्दुओं के 
जीवन दीप को बुझने नहीं दे रहे थे,उन्हें जीवन दान दे रहे थे। यह विश्व बंधुत्व का 
भाव केवल हिन्दू धर्म में ही संभव है ,विश्व में एक ओर एक ही धर्म के लोग आपस 
में मर कट रहे हो, उसी विश्व में  हिन्दुस्थान के मस्तिष्क कश्मीर में हिन्दू युवा 
अन्य धर्मावलम्बियों के जीवन को सहेज रहे थे,सुरक्षित बना रहे थे। 

   देश के वर्तमान प्रधान मंत्री को आतँकवाद के घोर विरोधी की जगह उनके विरोधी 
कोमवादी कहते रहे हैं ,उन पर वर्षों से झूठे आरोप विरोधियों ने लगाये मगर हिन्दू 
जीवन ईश्वर की न्याय व्यवस्था पर विश्वास रखता है। समय ने पलटा खाया और 
झूठे धर्मनिरपेक्ष दल हिन्दुस्थान की राज व्यवस्था से दूर हो गये ,बड़ी हाय तौबा तो 
इन सब झूठे नेताओं ने और पक्षपाती खबर बेचने वालों ने मचायी और देश में भय 
फैलाने की कोशिश की मगर प्रकृति को यह मंजूर कहाँ था ,राष्ट्रवादी हिन्दू के कमान 
सँभालते ही कश्मीर की पीढ़ियों ने नहीं देखी ऐसी विनाशलीला हुयी मगर राष्ट्रवादी 
ने पूरी ताकत से संघर्ष किया और जो उसके नाम से खौफ खाते थे उसके वहम को 
हिंदुत्व के बंधुत्व भाव से खत्म किया। क्या अब भी विश्व इस नेता को सांप्रदायिक 
कहेगा? ओबामा भी हिंदुत्व को फिर से देख ले यह वही हिंदुत्व है जो शिकागो विश्व 
धर्म सम्मेलन में था,वही विश्व बंधुत्व का भाव ,वही मानवता का भाव। 

आज जब हिंदुत्व की बात देश में होती है तो प्रपंची मीडिया के कुछ शातिर कलमुँहे 
इसे सिर्फ जन्म और जाती से जोड़ कर विवाद फैलाते रहते हैं और अन्य मत के लोगों 
को डराने का खोटा प्रयास करते हैं। आज हिन्दुस्थान का हिंदुत्व ही कश्मीर घाटी 
में प्राकृतिक आपदा से लोहा ले रहा है,उनके जीवन का रक्षण कर रहा है और हिंदुत्व 
के कारण ही घाटी पुन: स्वर्ग के समान सुंदर बनेगी क्योंकि हिंदुत्व जाती नहीं जीवन 
पद्धति और सभ्यता का पर्याय है।           

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