रविवार, 18 जनवरी 2015

आप पार्टी और बीजेपी

आप पार्टी और बीजेपी
क्या काँग्रेस दिल्ली से खत्म हो गयी है ?
बीजेपी की मुख्य टक्कर क्या आप पार्टी से है?
दोनों का उत्तर ना है!!गले नहीं उतरती है यह बात । 
काँग्रेस,आप,सेकुलर दल ये सब एक ही है और ये सब काँग्रेस की ही धारा़यें हैं इनका अलग अस्तित्व है ही नहीं पर फिर भी आम भारतीय को आप और काँग्रेस को मीडिया अलग दिखा रहा है । इसका कारण क्या?
दिल्ली को बदहाल किसने किया? किसने बिगड़ने दी वहाँ का लाॅ एन्ड आॅर्डर? क्या बीजेपी ने? तो फिर--- अब बीमार दिल्ली पर शासन करने के लिये रेपर लेबल झन्डा टोपी और चेहरा बदल दिया । नारे तो इन्दिरा गाँधी ने भी दिये, क्या उन्हें पूरा किया? नहीं किये ना! पर अलग-अलग लफ्फाजी से भारतीयों को बरगलाया गया और हमने उन्हें वर्षों तक झेला । अब जब भरपूर घोटालों से ब्रान्ड बदनाम और अनुपयोगी होने लगा तो नये नाम से देश के सामने पेश किया जा रहा है । सावधान-- उल से चूल का नाटक खेला जा रहा है सब स्वार्थी सेकुलरों द्वारा ।
फंसना मत----
आँखे खोलो, मीडिया कुटील चाल चल रहा है । काँग्रेस ब्रांड खत्म हो गया है और सेकुलर दवा आउट आॅफ डेट ।
मोदी के राष्ट्रवाद को माने देश का भला है इसमें ।

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