मंगलवार, 20 जनवरी 2015

निर्धन उत्थान आयोग

निर्धन उत्थान आयोग

अल्प संख्यक आयोग को भंग कर देना आवश्यक हो गया है क्योंकि यह भारतीय नागरिकों में पृथकता उत्पन्न करता है । भारत में हर धर्म के नागरिक को समानता का अधिकार है तो १९९३ में इसकी स्थापना में किसका स्वार्थ पुरा हुआ ?
क्या इस आयोग से ईसाई,सिख जैन पारसी या मुस्लिम का भला हुआ ?नहीं---। तो फिर धर्म निरपेक्ष राष्ट्र में धर्म के आधार पर यह आयोग क्यों लाया गया?
क्या इस आयोग के आने के बाद हिन्दु और अल्पसंख्यकों में प्रेम भाईचारा बढ़ा?
क्या अल्पसंखयकों का सामाजिक स्तर सुधरा?
क्या अल्पसंख्यकों की आर्थिक स्थिती में सुधार आया?
क्या अल्पसंख्यकों की शैक्षणिक योग्यता बढी?
फिर यह आयोग को भंग क्यों नहीं किया जाता है?
केवल भारतीय नागरिकों की पृथकता को बनायें रखने का काम किया इस आयोग ने । 
भारत के नागरिकों, यह आयोग फूट डालो और राज करो के सिद्धांत को आगे बढा रहा है । हम सबको साथ मिलकर सरकार को इस आयोग को भंग करने तथा इसके स्थान पर निर्धन उत्थान आयोग की स्थापना करने को कहना होगा । 
निर्धन भारतीय के कल्याण में एकता बढेगी । धार्मिक तुष्टीकरण का राजनैतिक जहर प्रभावहिन हो जायेगा । सब गरीब निर्धन वंचित वर्ग के कल्याण का मार्ग प्रशस्त होगा ।

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