गुरुवार, 29 जनवरी 2015

सेकुलर स्वभाव होता है धर्म नहीं

वास्तव में सेकुलर कुछ होता ही नहीं है । भारत धर्म में आस्था रखने वाला देश है । यहां कोई हिन्दु है,कोई मुस्लिम,कोई ईसाई । सबकी अपने-अपने पवित्र धर्म पर आस्था है । यहां के प्रथम पुरुष की भी अपनी जाति होती है,पंथ प्रधान की भी जाति होती है और हर नागरिक की भी धर्म वर्ण जन्म के अनुसार जाति होती है । संसार में कहीं भी इंसान सेकुलर जाति का नहीं होता है । सेकुलर स्वभाव हो सकता है ।संविधान जब बना था तब देश धर्म प्रधान था । सेकुलर शब्द बाद में आया जिससे देश को नुकसान ही हुआ । विवादास्पद शब्द संविधान से हटे क्योंकि हमारी आस्था धर्म में है । 

कोई टिप्पणी नहीं: