गुरुवार, 5 मार्च 2015

पंगु न्यायव्यवस्था और निर्भया

पंगु न्याय व्यवस्था और निर्भया 

निर्भया रेप कांड के आरोपी पर 

BBC की चंडाल सोच,भारतीय भांड पत्रकारिता,तात्कालिन सरकार और पंगु न्याय तन्त्र सब कहीं ना कहीं जिम्मेदार है । 

BBC की सोच अपराधी के प्रति सहानुभूति रखती है और भारत को बदचलन देश के रुप में विश्व में निचा दिखाने की कोशिश है जबकि खुद के देश की नारी पर रेप और जुल्म को छिपाती है । 

भारतीय भांड पत्रकारिता को देश की अस्मिता की परवाह नहीं है । ये घटिया सोच के लोग खुद के स्वार्थ के लिये देश की इज्जत को ही नहीं अच्छी पत्रकारिता की इज्जत को भी निलाम करते रहे हैं । 

तात्कालिन सरकार ने डाॅक्युमेनट्री बनाने की इजाजत विदेशी मीडीया को क्यों दी?क्या सोच थी उस सरकार की । हम वर्षो तक देश इनके हाथों में क्यों सोपते रहे जिन्हें भारतीय नारी खिलौना लगती है । 

हमारी रेंगती हुयी न्याय व्यवस्था का खस्ता हाल क्यों है कि उसे फैसला देते हुये जमाना बीत जाता है । क्या ये गुलामी के कानुन आम भारतीय को त्वरीत न्याय देने की ताकत रखता है?फिर भी हम इनके बोझ को ढोते रहते हैं । भारत सरकार भी कानुनों के मकड़जाल से निकल नहीं पाती है और BBC जैसे शातिर बच निकलते हैं । 

हम अपने रहन सहन पहनावे को बिना सोचे समझे बदले जा रहे हैं और कुपरिणाम भोगते जा रहे हैं

देख भाई,देश की पहचान उधार की संस्कृति पर नहीं चलती । हमें अपनी सभ्यता को सम्मान देना पड़ेगा । अपना त्वरित न्याय कानुन गढना होगा । भारत में वही चैनल मीडिया हो जिसका मालिक भारतीय हो ताकि देश द्रोही विचार पर लगाम लगे । 


कोई टिप्पणी नहीं: